वन विभाग की कुंभकर्णी निद्रा की बदौलत 3: 50 लाख का सागौन गोला और चिरान पंहुच गया लकड़ी तस्कर के घर, विभाग अब कर रहा है लकड़ी तस्करों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई

# 25 Sep, 2021

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद

वन विभाग की कुंभकर्णी निद्रा की बदौलत 3: 50 लाख का सागौन गोला और चिरान पंहुच गया लकड़ी तस्कर के घर

विभाग अब कर रहा है लकड़ी तस्करों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई

महासमुंद - जिले के ग्रामीण इलाकों में बेशकीमती लकड़ी तस्करी का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है, यह इस बात से साबित भी हो जाता है कि लगभग 3.50 लाख की कीमती सागौन प्रजाति की लकड़ी तस्कर के घर तक पहुंच जाती है और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाती। हम आपको बता दें कि वनों की सुरक्षा के लिए शासन का वन विभाग अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी की है लेकिन इलाके में चल रहे लकड़ी तस्करी रोकने में विभागीय नौकरशाह नाकाम साबित हो रहे हैं मसलन जंगलों से कटकर बेशकीमती लकड़ियां तस्करों और लकड़ी के अवैध कारोबार में जुटे लोगों के ठिकानों तक पंहुचा रहे हैं और बाद विभागीय नौकरशाह ठीक उसी तरह कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं मानो सांप निकलने के बाद लकीर पीट रहे हों। भारी मात्रा में कीमती सागौन चिरान और सागौन लकड़ी जप्त करने के बाद सरायपाली वन विभाग की टीम एक बार फिर से सुर्खियों में है लेकिन जंगल से कटकर लकड़ी तस्करों के ठिकानों तक कैसे पंहुच रहे हैं ? यह सवाल खड़ा हो गया है। महासमुंद जिले के सरायपाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजातीपाली और जलपुर में वन विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए साढे तीन लाख रुपए से अधिक के बेशकीमती सागौन लकड़ी को बरामद किया है। मामले में दो लकड़ी तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम जलपुर निवासी प्रेमानंद नायक और मोहत राम नायक के बिजातीपाली स्थित घर में भारी मात्रा में सागौन लकड़ी और चिरान रखे होने की सूचना मुखबिर से मिली। जिस पर कार्यवाही करते हुए वन विभाग की टीम ने घर में दबिश देकर भारी मात्रा में सागौन के गोले और सागौन चिरान जप्त किया है। इसके अलावा बढ़ाई गिरी का सामान भी बरामद किया गया है दोनों वन तस्करों को वन अधिनियम के अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण की विवेचना की जा रही है। इधर वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद वनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं दरअसल इतनी भारी मात्रा में लकड़ी तस्करों के घर तक लकड़ी कैसे पहुंची और वन विभाग की टीम द्वारा उस वक्त कार्यवाही क्यों नहीं की गई , ऐसे सवाल अब सामने आ गए हैं। इधर वन विभाग की टीम इस कार्रवाई के बाद अपनी पीठ थपथपाने में मशगूल है। लेकिन इतनी भारी मात्रा में लकड़ियों का कटकर परिवहन हो जाना वनों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही गंभीर लापरवाही को इंगित करता है।

Banner